जननायक समारोह : अमरपुर और करंजिया में राजा पेमल शाह नाट्य की भव्य प्रस्तुति
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आगामी दो दिनों में हीराखान सिंह और रानी दुर्गावती पर आधारित नृत्य-नाट्य होंगे आयोजित
बलराम राजपूत न्यूज डिण्डौरी
मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन डिंडौरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय “जननायक समारोह” की शुरुआत आज अमरपुर के शासकीय सांदीपनि विद्यालय तथा करंजिया के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में गोंड जननायक राजा पेमल शाह की मनमोहक नृत्य-नाट्य प्रस्तुति से हुई। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, गणमान्य नागरिकों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रस्तुतियों की सराहना की।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस कलाकारों ने राजा पेमल शाह के शौर्य, न्यायप्रियता, जनकल्याणकारी दृष्टिकोण और गोंड सांस्कृतिक विरासत को पारंपरिक नृत्य व सजीव अभिनय के माध्यम से प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन, आकर्षक मंच सज्जा और सांस्कृतिक परिधानों ने वातावरण को पूरी तरह ऐतिहासिक बना दिया।
मंचन का निर्देशन रामचंद्र सिंह, संगीत संयोजन किशन राय द्वारा किया गया। अमरपुर में पुनर्संयोजन नवीन सिंह श्याम तथा करंजिया में पुनर्संयोजन रामचंद्र सिंह द्वारा किया गया।
आगामी प्रस्तुतियाँ
19 नवंबर 2025 — राजा हीराखान सिंह नृत्य-नाट्य प्रस्तुति
इस दिवस पर कलाकार गोंड शौर्य के अग्रदूत माने जाने वाले राजा हीराखान सिंह की अदम्य वीरता, संघर्षशीलता और जनता के प्रति समर्पण को नाट्य रूपांतरण के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे।
20 नवंबर 2025 — वीरांगना रानी दुर्गावती नृत्य-नाट्य प्रस्तुति
कार्यक्रम के अंतिम दिवस पर गोंड इतिहास की महान वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य, स्वाभिमान, नेतृत्व क्षमता और रणकौशल को भव्य मंचन द्वारा दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
जनसामान्य के लिए अपील
जिला प्रशासन डिंडौरी एवं संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा आम नागरिकों, छात्र-छात्राओं, बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों एवं सांस्कृतिक प्रेमियों से अनुरोध किया जाता है कि वे 19 और 20 नवंबर को अमरपुर और करंजिया में आयोजित होने वाली इन ऐतिहासिक नृत्य-नाट्य प्रस्तुतियों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर गोंड जननायकों की गौरवशाली परंपरा का साक्षात्कार करें।
इन प्रस्तुतियों के माध्यम से आप न केवल हमारे इतिहास, सांस्कृतिक धरोहर और गोंड जनजाति के शौर्य से रूबरू होंगे, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरूकता और प्रेरणा से परिपूर्ण अनुभव प्राप्त करेंगे। आइए, अपने परिवार और मित्रों के साथ इन प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आनंद लें और हमारे जननायकों की विरासत को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाने में सहभागी बनें।
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