मातृभूमि की रक्षा की लिए रानी अवंतीबाई का बलिदान सदियों तक रहेगा अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
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रानी अवंतीबाई की स्मृति में डिंडोरी में एक करोड़ रूपए से निर्मित संग्रहालय का किया लोकार्पण
सागर में रानी अवंतीबाई के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर हमने दी है वीरांगना को श्रद्धांजलि
रानी अवंतीबाई बलिदान दिवस पर डिंडोरी में हुआ कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से किया संबोधित
बलराम राजपूत न्यूज डिण्डौरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश वीरांगनाओं की धरती है। रानी दुर्गावती से लेकर रानी कमलापति और रानी अवंतीबाई तक हमारी लोकनायिकाओं और वीरांगनाओं ने विदेशी आक्रांताओं के छक्के छुड़ा दिए थे। मातृभूमि की रक्षा के लिए रानी अवंतीबाई ने जो बलिदान दिया, वह सदियों-सदियों तक अविस्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रानी अवंतीबाई के बलिदान दिवस के अवसर पर डिंडोरी जिले में आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी अवंतीबाई के अटल साहस और अमर त्याग को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए उनकी स्मृति में डिंडोरी में एक करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित भव्य संग्रहालय का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय हमें रानी अवंतीबाई के बल और बलिदान की याद दिलाता रहेगा। इस संग्रहालय में उनकी फोटो गैलरी और उनके शस्त्र हमारी आने वाली पीढ़ियों को युगों-युगों तक प्रेरित करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ते हुए अपने नायकों के पराक्रम को भी याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई का जन्म तत्कालीन सिओनी (वर्तमान सिवनी) जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था। कहते हैं कि रणभूमि में उनकी तलवार जब चलती थी, तो अंग्रेजों के हौसले पस्त हो जाते थे। सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में डिंडोरी में रानी अवंतीबाई की भूमिका ठीक वैसी ही थी, जैसी झांसी में रानी लक्ष्मीबाई की। जब अंग्रेजों ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को तोप से उड़ाकर कायरता दिखाई, तब इस पूरे क्षेत्र में क्रांति की मशाल रानी अवंती बाई ने अपने हाथ में ली थी। सन् 1857 की क्रांति में रानी अवंतीबाई ने रेवांचल में मुक्ति आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद सन् 1858 में जब अंग्रेजों ने एक विशाल सेना के साथ उन पर हमला किया, तबे भी रानी ने झुकना स्वीकार नहीं किया। अपने मान-सम्मान और देश की अस्मिता के लिए उन्होंने लड़ते-लड़ते, हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने रानी अवंती बाई की शहादत को अविस्मरणीय बनाए रखने के लिए सागर में उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर श्रद्धांजलि दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडोरी जिला उनके हृदय के करीब है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि एनीमिया मुक्त भारत के संकल्प के साथ जिला प्रशासन डिंडोरी ने एक ही दिन में 50 हजार से ज्यादा महिलाओं और बेटियों की स्वास्थ्य जांच की। इस उपलब्धि के लिए डिंडोरी का नाम ’एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स’ और ’इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हुआ है। यह हमारे लिए गौरव की बात है। 14 से 15 साल की बेटियों को टीकाकरण (एचपीवी अभियान) में भी डिंडोरी जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के सपनों को पंख देने के लिए डिंडोरी जिले में ’पंखिनी अभियान’ चलाया जा रहा है। इसमें बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है। यह एक अभिनव प्रयास है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान के लिए जिला प्रशासन डिंडोरी को बधाई भी दी।
वीरांगना रानी अवंती बाई मुख्य समारोह के मुख्य अतिथि सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते का स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा गेड़ी नृत्य दल के माध्यम से पारंपरिक एवं आकर्षक प्रस्तुति के साथ स्वागत किया गया। तत्पश्चात अतिथियों द्वारा रानी अवंती बाई की समाधि स्थल एवं प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर श्रृद्धांजली के साथ नमन किया गया। इस अवसर पर ग्राम पलकी निवासी कुमारी सुरक्षा ठाकुर को वीरांगना रानी अवंती बाई का रूप देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य कार्यक्रम स्थल पर वीरांगना रानी अवंती बाई के तैलीय चित्र पर मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा गेड़ी नृत्य दल की मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की सहभागिता रही। संपूर्ण आयोजन देशभक्ति, गौरव एवं सांस्कृतिक रंगों से ओत-प्रोत रहा, जिसने वीरांगना रानी अवंती बाई के अदम्य साहस एवं बलिदान की स्मृतियों को पुनर्जीवित किया।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने अपने संबोधन में कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई का जीवन साहस, त्याग और देशभक्ति की अनुपम मिसाल है। उन्होंने कहा कि हमें उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज में जागरूकता, शिक्षा और विकास की दिशा में कार्य करना चाहिए। कलेक्टर ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए जिले के समग्र विकास में सहयोग करें तथा युवाओं को रानी अवंती बाई के संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई ने देश माटी, भूमि की रक्षा के लिए अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष कर देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और अपने अधिकारों की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रानी अवंती बाई के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्राम बालपुर में इस सुंदर स्थान पर हमेशा समाज के लोगों के द्वारा शादी एवं अन्य शुभ कार्यक्रम किए जाएं यदि मेरी जरूरत पडती है तो मैं सहयोग करने के लिए तत्पर रहूंगा।
विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने “बीवी जी राम जी योजना” पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि शासन की यह योजना जनकल्याणकारी एवं समाज के कमजोर वर्गों के लिए अत्यंत उपयोगी है। विधायक धुर्वे ने कहा कि यह योजना प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण एवं जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। जिला प्रशासन के निरंतर प्रयास से अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंच रहा है।
सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने अपने उद्बोधन में कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई का बलिदान भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर अद्वितीय साहस का परिचय दिया। सांसद ने कहा कि हम सभी का दायित्व है कि उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में एकता, समरसता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करें तथा उनके आदर्शों को सदैव स्मरण रखें।
कार्यक्रम में सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रेश परस्ते, जनपद अध्यक्ष आशा सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता सारस, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अंजू ब्योहार, जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, ज्ञानदीप त्रिपाठी, जनपद सदस्य कीर्ति गुप्ता, पूर्व विधायक दुलीचंद उरैती, महिला मोर्चा अध्यक्ष नरबदिया मरकाम, जिला पंचायत सदस्य हीरा रुद्रेश परस्ते, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, वरिष्ट कार्यकर्ता राजेंद्र पाठक, अखिल भारतीय लोधी महासभा के प्रदेश सचिव मनोहर ठाकुर, उपाध्यक्ष महेश धूमकेती, भगीरथ उरैती, सुधीर दत्त तिवारी, पवन शर्मा, अंकित गुप्ता, परसराम नागेश, रविदत्त राय, राहुल पाण्डेय, रामकिशोरी ठाकुर, बद्री प्रसाद साहू, लक्ष्मण सिंह ठाकुर, राकेश परस्ते , हीरेन्द्र सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे साथ ही प्रशासनिक अधिकारी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, पुलिस अधीक्षक वाहनी सिंह, सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, डीएफओ अशोक सोलंकी, अपर कलेक्टर जेपी यादव, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडोरी भारती मेरावी, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक, डिप्टी कलेक्टर प्रियांशी जैन, तहसीलदार रामप्रसाद मार्को, शशांक शेंडे सहित समस्त जिला अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
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