ग्राम पंचायत प्रेमपुर माल में चार लाख से बना सार्वजनिक कुआं, 8 महीने में चबूतरे में आई दरारें – गुणवत्ता पर उठे सवाल
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बलराम राजपूत न्यूज डिण्डौरी
जिले के जनपद पंचायत समनापुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत प्रेमपुर माल में पांचवा राज्य वित्त आयोग योजना के तहत 26 जनवरी 2026 को सार्वजनिक पेयजल कूप निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था। सरकारी पोर्टल पर इस कार्य की स्वीकृत राशि 4 लाख 5 हजार रुपये (405000.0) दर्शाई जा रही है।
जानकारी के अनुसार आठ महीने पहले ग्राम पंचायत व्दारा बनाईं गई पेयजल कुएं की हालत ख़राब हो गई कुएं के चबूतरे / फर्श में बड़ी-बड़ी दरारें साफ देखी जा सकती हैं। कुएं के अंदर भरा पानी भी दूषित दिखाई दे रहा हैं , सफाई न होने से ग्रामीणों का कहना हैं , कि कुआं का पानी उपयोग के लायक नहीं रह गया हैं।
पानी दूषित, नहाने पर भी इंफेक्शन का खतरा – ग्रामीण
ग्रामीणों का आरोप है कि कुआं बनाने के बाद साफ-सफाई नहीं कराई गई, जिससे कुएं का पानी दूषित हो गया हैं। पानी पीने योग्य तो है ही नहीं, साथ ही नहाने पर भी इंफेक्शन होने की संभावना बनी हुई है। इस प्रकार शासन की महत्वपूर्ण योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
सूचना बोर्ड तक नहीं, मजदूरी भुगतान पर भी सवाल
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य स्थल पर निर्माण कार्य संबंधी कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया, जिससे कार्य की लागत, मजदूरी दर इत्यादि की जानकारी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीणों का आरोप हैं , कि सरकार की मंशा अनुसार मजदूरों के बैंक खाते में सीधे भुगतान करती हैं ताकि मजदूरों के हक में डाका न डले, लेकिन ग्राम पंचायत में इसके विपरीत किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप हैं , कि सरपंच-सचिव द्वारा मजदूरों को आनलाइन भुगतान नहीं किया गया हैं, बल्कि अपने चहेते किसी एक व्यक्ति के बैंक खाते में मजदूरों की मजदूरी राशि डालकर निकाल ली गई और राशि का बंदरबांट कर लिया गया हैं, जो नियम विरुद्ध है।
इसके अलावा सामग्री क्रय के लिए निविदा / कोटेशन प्रक्रिया अपनाए बिना अपने चहेते सप्लायरों से मनमाने दाम पर सामग्री खरीदी गई, जिसका नतीजा घटिया निर्माण के रूप में सामने है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पंचायत में कराए गए अन्य सीसी सड़क निर्माण कार्यों में भी मजदूरों को ऑनलाइन भुगतान न कर चहेतों के खातों में राशि डाली गई।
जांच की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के कुछ महीनों बाद ही दरारें आ गईं, जिससे गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनपद में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों को ग्राम पंचायत गतिविधियां पर ध्यान देकर नियम-शर्तों का पालन सुनिश्चित कराना चाहिए।
इनका कहना हैं कि –
मैं इलाज कराने जबलपुर आ गया हूं अभी शेष राशि 15000 बचा हैं
संतोष परासर रोजगार सहायक सचिव व प्रभारी सचिव ग्राम पंचायत प्रेमपुर जनपद पंचायत समनापुर
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