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शासकीय आदर्श महाविद्यालय में शिक्षक दिवस पर गुरुओं का भावभीना सम्मान, छात्र बोले – शिक्षक जीवन जीने की कला सिखाता है

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बलराम राजपूत न्यूज डिण्डौरी

 

शासकीय आदर्श महाविद्यालय, शाहपुरा में शिक्षक दिवस का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस गरिमामयी समारोह में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति की अनूठी परंपरा का निर्वहन करते हुए अपने गुरुजनों का तिलक लगाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर भावभीना सम्मान किया और उज्जवल भविष्य के लिए उनका आशीर्वाद लिया।

 

पूरे कार्यक्रम की कमान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बखूबी संभाली। मंच संचालन और कार्यक्रम प्रबंधन में द्वारका प्रसाद, श्लोक वर्मन, भूमिका, रुकमणी, किशन राय आदि विद्यार्थियों ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए विशेष योगदान दिया, जिसकी सभी ने सराहना की।

 

वक्ताओं ने दिया सफलता और हौसले का मंत्र

 

समारोह के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकों और अतिथियों ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया –

 

प्राचार्य प्रो. पी.एस. वरकड़े ने कहा, “शिक्षक केवल अक्षर ज्ञान नहीं देता, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाता है। विद्यार्थी जीवन ही आपके भविष्य की नींव है। अनुशासित रहकर और कठिन परिश्रम के बल पर आप जीवन के हर मुकाम पर सफलता हासिल कर सकते हैं। मेरी शुभकामनाएं सदैव आपके साथ हैं।”

 

डॉ. एल.एन. साहू ने उत्साह भरते हुए कहा, “जीवन का दूसरा नाम ही संघर्ष है। राह में कितनी भी मुश्किलें आएं, परिस्थितियों से कभी हार मत मानना। असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ने वाला ही इतिहास रचता है। अपनी इच्छाशक्ति को इतना मजबूत करो कि कोई भी बाधा आपका रास्ता न रोक सके।”

 

डॉ. नरेंद्र सिंह ठाकुर ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की प्रसिद्ध कविता ‘कलम या तलवार’ का ओजस्वी पाठ कर पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि विचार और ज्ञान की शक्ति (कलम) समाज को नई दिशा देती है, इसलिए विद्यार्थियों को अपने ज्ञान की धार को हमेशा तेज रखना चाहिए।

 

विशेष अतिथि  बिहारी लाल साहू ने कहा, “सफलता के सफर में मानसिक रूप से स्वस्थ और प्रसन्न रहना बेहद जरूरी है। हमेशा सकारात्मक सोच रखें, चेहरे पर मुस्कान रखें और निरंतर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहें। आपका भविष्य बेहद उज्जवल हो, यही मेरी कामना है।”

 

महाविद्यालय परिवार रहा उपस्थित

 

इस अवसर पर  भागवत सिंह धुर्वे, डॉ. वीणा शिवहरे, कृति जैन, आकांक्षा कुशराम, मधुर मरावी,  अभिषेक पटेल, डॉ. ए.के. झारिया, डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. रश्मी चक्रवर्ती, डॉ. राजू रैदास, डॉ. सी.एल. रैदास, डॉ. खेमराज कन्नौजिया, डॉ. ज्योति त्रिपाठी, डॉ. नीरज गुप्ता, आलोक डहेरिया, डॉ. प्रतिभा उरमलिया, डॉ. सुषमा मिश्रा, डॉ. सुजाता, विशाल राजपूत और कैलाश सहित सभी सह-प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

 

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