दुर्गा अष्टमी पर पूरे डिंडौरी जिले में भक्ति का सैलाब, मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, हर पंडाल में गूंजी महाआरती की धुन
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सुबह से अठवाईन चढ़ावे की होड़, शाम को दीपों से जगमगाए पंडाल, कन्या भोज का दौर भी शुरू
बलराम राजपूत न्यूज डिण्डौरी
शारदीय नवरात्र की दुर्गा अष्टमी का शुभारंभ होते ही पूरा डिंडौरी जिला भक्तिमय हो उठा है। जिला मुख्यालय डिंडौरी सहित समनापुर, शहपुरा, मेंहदवानी, अमरपुर, बजाग और करंजिया जनपदों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों के दुर्गा मंदिरों और पंडालों में बैठी माता रानी के अनेक रूपों की मंगल मूर्तियों के सामने भक्त सुबह-शाम पूजा-पाठ, आरती और नौ रात्रि जागरण, जस गायन कर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।
शाम होते ही दुर्गा सप्तशती के पाठ और दीपों की रोशनी से पंडाल जगमगा उठे। महाआरती की महाधुन से पूरा पंडाल गूंज उठा, भक्त भाव में झूमते-थिरकते रहे, ढोल-मंजीरे पर माता के जस गीत गाते रहे।
अष्टमी पर अठवाईन का विशेष भोग
रविवार अष्टमी के दिन सुबह से ही दुर्गा पंडालों और देवालयों में श्रद्धालुओं का तांता लग गया। भक्तों ने बड़ी श्रद्धा के साथ माता रानी को अठवाईन का भोग लगाया। सुबह से ही हर मंदिर, हर पंडाल में भारी भीड़ उमड़ी रही।
मंदिरों में फूल-मालाओं, रंग-बिरंगी रोशनी और माता की लाल चुनरी से भव्य सजावट की गई है। जगह-जगह दुर्गा सप्तशती पाठ और महाआरती का दौर चल रहा है। आज सुबह से शाम तक अठवाईन का दौर लगातार चलता रहेगा।
साथ ही कुंवारी कन्या भोज का दौर भी शुरू हो चुका है। कई भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार नौ कन्याओं को नौ देवियों के रूप में श्रृंगार कर कन्या भोजन करा रहे हैं। यह पावन दौर नवमी और दशमी तक ऐसे ही चलता रहेगा।
श्रद्धालुओं ने माता रानी से जिले की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। वहीं प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए मंदिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद बनाए रखी है।
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