अमरपुर में श्रीमद् भागवत महापुराण की भक्ति गंगा, कृष्ण-सुदामा चरित्र सुन भावुक हुए श्रद्धालु
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बलराम राजपूत न्यूज डिण्डौरी
ग्राम अमरपुर के रामगढ़ रोड स्थित निज निवास में स्व. श्री नोखेलाल यादव जी की वार्षिक बरसी एवं श्राद्ध के अवसर पर आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ में भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। आज कथा के छठवें दिवस कृष्ण-सुदामा चरित्र का बड़ा ही मार्मिक वर्णन किया गया। कथावाचक परम पूज्य श्री रमेश दत्त गौतम जी ने अपने मुखारविंद से जैसे ही सुदामा चरित्र सुनाया, पूरा पंडाल “जय श्री कृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। उन्होंने कहा –
> सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता दुनिया की सबसे पवित्र मित्रता है। द्वारिकाधीश होने के बाद भी भगवान श्रीकृष्ण अपने मित्र सुदामा को देखते ही सिंहासन से दौड़ पड़े, उनके चरण धोए, और फटे हुए कपड़ों में छुपाए हुए मुट्ठी भर तंदुल को बड़े प्रेम से खाया। यह प्रसंग सिखाता है कि ईश्वर भाव का भूखा है, धन का नहीं।
महाराज जी ने कहा कि आज के कलयुग में सुदामा जैसी निस्वार्थ मित्रता और कृष्ण जैसा मित्र होना दुर्लभ है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़
कथा में अमरपुर सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष, बुजुर्ग और युवा श्रद्धालु पहुंचे। पूरे पंडाल में श्रद्धालुओं के बैठने के लिए जगह कम पड़ गई। आयोजक परिवार – श्री रमेश कुमार (हरि) यादव, राम मिलन यादव, रामकृष्ण यादव, संजय यादव, मदन यादव एवं समस्त यादव परिवार द्वारा सभी श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया गया।
ज्ञात हो कि यह ज्ञानयज्ञ 26 सितंबर से प्रारंभ हुआ है, जिसमें प्रतिदिन ध्रुव चरित्र, प्रहलाद चरित्र, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन पूजा, रुक्मणी विवाह जैसे प्रसंग सुनाए गए। कल 3 अक्टूबर को बरसी, श्राद्ध, हवन, आरती एवं विशाल भंडारा प्रसाद के साथ कथा का विश्राम होगा।
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